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22 फ़रवरी 2027 का पंचांग

सोमवार · नई दिल्ली

कृष्ण द्वितीया

कृष्ण पक्ष · पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र · सुकर्मा योग · तैतिल करण

सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 18:16 — अर्थात् इस दिन का उजाला 11 घण्टे 23 मिनट का है, और नीचे के सातों काल इसी एक जोड़ी समय से निकले हैं। चन्द्र सिंह के 23.7° पर खड़ा है, इसलिए इस दिन मकर का चन्द्राष्टम है — बारह में ठीक एक राशि का, क्योंकि चन्द्र एक समय में एक ही राशि में होता है। सब कुछ JPL DE421 इफ़ेमेरिस से गणना किया गया है।

पाँच अंग

सूर्योदय पर क्या बदलता है

पंचांग का प्रत्येक अंग वही लिया जाता है जो सूर्योदय के समय चल रहा हो, क्योंकि तिथि दिन की किसी भी घड़ी बदल सकती है और एक तारीख के सामने एक ही नाम लिखना हो तो वह सूर्योदय का नाम होता है। वही सुविधा एक बात छिपा भी देती है: कोई अंग दो सूर्योदय तक टिका रह सकता है, कोई एक ही दिन में बदलकर आगे निकल सकता है। इसीलिए 22 फ़रवरी के आगे-पीछे के दिन साथ दिए हैं। प्रत्येक अंग क्या है

22 फ़रवरी 2027 के पाँच अंग और दिन की सीमाएँ, आगे-पीछे के दिनों के साथ, नई दिल्ली के लिए
सूर्योदय पर21 फ़रवरी22 फ़रवरी23 फ़रवरी
तिथिकृष्ण प्रतिपदाकृष्ण द्वितीयाकृष्ण तृतीया
नक्षत्रमघापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनी
योगअतिगण्डसुकर्माशूल
करणबालवतैतिलवणिज
सूर्योदय06:5406:5306:52
सूर्यास्त18:1518:1618:16
राहु काल16:50-18:1508:18-09:4415:25-16:51
वाररविवारसोमवारमंगलवार

सोमवार का स्वामी चन्द्र है, और वार ही वह अंग है जिस पर तीनों त्याज्य काल की जगह टिकी हुई है — नीचे की दो तालिकाएँ वही गिनती खोलकर रख देती हैं।

सात काल

इस दिन के सात काल

घड़ी के क्रम में, प्रत्येक की अवधि साथ में। तीनों त्याज्य काल — यमघण्ट काल, गुलिक काल और राहु काल — इस 11 घण्टे 23 मिनट के दिन के आठवें हिस्से हैं, इसलिए तीनों की लम्बाई इस दिन 1 घण्टा 26 मिनट के आसपास बैठती है; वह अंकगणित अगली तालिका में खुला हुआ है। पंक्तियों का क्रम जान-बूझकर बँधा नहीं रखा गया, क्योंकि राहु काल दिन के किस भाग में पड़ेगा यह वार तय करता है।

22 फ़रवरी 2027 को नई दिल्ली में सूर्योदय, सूर्यास्त और पाँच मुहूर्त काल
कालसमय (IST)अवधि
ब्रह्म मुहूर्तशुभ05:17-06:531 घण्टा 36 मिनट
सूर्योदयसामान्य06:53एक क्षण
राहु कालत्याज्य08:18-09:441 घण्टा 26 मिनट
यमघण्ट कालत्याज्य11:09-12:341 घण्टा 25 मिनट
अभिजित मुहूर्तशुभ12:12-12:5745 मिनट
गुलिक कालत्याज्य14:00-15:251 घण्टा 25 मिनट
सूर्यास्तसामान्य18:16एक क्षण

सूर्योदय और सूर्यास्त की अवधि एक क्षण लिखी है और “0 मिनट” नहीं, क्योंकि वे समय-बिन्दु हैं, अवधि नहीं।

आठ भाग

दिन के आठ भाग

सूर्योदय 06:53 से सूर्यास्त 18:16 तक 683 मिनट होते हैं, इसलिए आठों में से प्रत्येक भाग 85.4 मिनट का बनता है। आठ में से किन तीन को नाम मिलेगा यह वार तय करता है, और सोमवार को वे यहाँ पड़ते हैं: दूसरा (राहु काल), चौथा (यमघण्ट काल) और छठा (गुलिक काल)। यह दिन इस तालिका के सबसे छोटे दिन से 1 घण्टा 04 मिनट अधिक, और सबसे लम्बे दिन से 2 घण्टे 35 मिनट कम है, और ऊपर का हर काल इसी के साथ खिंचता या सिकुड़ता है। राहु काल कोई अलग से दी गई घड़ी नहीं, इसी बँटवारे का एक भाग है — घटाइए और आठ से भाग दे लीजिए।

22 फ़रवरी 2027 को सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन के आठ बराबर भाग और उनमें नामित तीन काल
भागसेतकनाम
पहला06:5308:18
दूसरा08:1809:44राहु काल
तीसरा09:4411:09
चौथा11:0912:35यमघण्ट काल
पाँचवाँ12:3514:00
छठा14:0015:25गुलिक काल
सातवाँ15:2516:51
आठवाँ16:5118:16

जिन पाँच भागों पर नाम नहीं है वे छाँट-कर बचे हुए शुभ भाग नहीं हैं — वे केवल अनामित हैं, और परम्परा उनके विषय में कुछ कहती ही नहीं। किसी दूसरे शहर के लिए यह पूरा बँटवारा उसके अपने सूर्योदय से दोबारा निकालना पड़ता है, जो panchang tool कर देता है।

चन्द्र बल

चन्द्र बल — सभी बारह राशियाँ

एक चन्द्र, और बारह उत्तर। भाव वह दूरी है जो आपकी जन्म राशि से सिंह तक गिनी जाती है, इसलिए एक ही आकाश बारह लोगों के लिए बारह अलग बातें कहता है। इस दिन शुभ वर्ग में मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ और मीन पड़ती हैं और त्याज्य वर्ग में वृषभ, कन्या और मकर; शेष तीन मध्यम में हैं। अन्तिम स्तम्भ आपका अगला चन्द्राष्टम इसी तारीख से आगे गिनकर देता है।

22 फ़रवरी 2027 को चन्द्र जिस भाव में है, बारहों जन्म राशियों से गिनकर, और प्रत्येक राशि का अगला चन्द्राष्टम
जन्म राशिइस दिन का भावक्या दर्शाता हैवर्गअगला चन्द्राष्टम
♈︎मेषपाँचवाँपुत्रसन्तान, विद्या और सृजनमध्यम27 फ़रवरी
♉︎वृषभचौथाबन्धुघर, माता और सुखत्याज्य2 मार्च
♊︎मिथुनतीसरासहजपराक्रम, भाई-बहन और छोटी यात्राएँशुभ4 मार्च
♋︎कर्कदूसराधनधन, वाणी और परिवारमध्यम7 मार्च
♌︎सिंहपहलातनुशरीर और स्वयंशुभ9 मार्च
♍︎कन्याबारहवाँव्ययव्यय, त्याग और दूर देशत्याज्य12 मार्च
♎︎तुलाग्यारहवाँलाभलाभ, आय और सम्पर्कशुभ14 मार्च
♏︎वृश्चिकदसवाँकर्मकर्म, आजीविका और प्रतिष्ठाशुभ16 मार्च
♐︎धनुनौवाँभाग्यभाग्य, धर्म और लम्बी यात्राएँमध्यम18 मार्च
♑︎मकरआठवाँरन्ध्रउपद्रव, गुप्त और आयुत्याज्य · चन्द्राष्टमइसी दिन
♒︎कुम्भसातवाँकलत्रसाझेदारी, जीवनसाथी और व्यापारशुभ23 फ़रवरी
♓︎मीनछठाशत्रुप्रतिस्पर्धा, ऋण और रोगशुभ25 फ़रवरी

शुभ

पहला, तीसरा, छठा, सातवाँ, दसवाँ और ग्यारहवाँ भाव

इन दिनों चन्द्र बल नए कार्य के आरम्भ का समर्थन करता माना जाता है। शास्त्रीय प्रयोग सीमित है और सीमित ही रखना चाहिए — यह आरम्भ करने की अनुमति है, परिणाम का वचन नहीं।

मध्यम

दूसरा, पाँचवाँ और नौवाँ भाव

न सहायक, न बाधक। इसी वर्ग पर परम्पराओं में मतभेद है — कुछ नवम को भाग्य का भाव मानकर पूर्णतः शुभ गिनते हैं, और कुछ द्वितीय को अशुभ। यदि कोई दिन महत्त्वपूर्ण है तो उसे तिथि, नक्षत्र और करण तय करते हैं, यह वर्ग नहीं।

त्याज्य

चौथा, आठवाँ और बारहवाँ भाव

परम्परा में किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के आरम्भ के लिए ये नहीं चुने जाते। अष्टम — चन्द्राष्टम — पर सभी परम्पराएँ एकमत हैं; चतुर्थ और द्वादश को अधिकांश, किन्तु सभी नहीं, इसमें गिनते हैं।

मकर की यह अवधि तब तक चलती है जब तक चन्द्र सिंह में है — 22 फ़रवरी 2027 के सूर्योदय पर वह वहीं मिलता है, और 23 फ़रवरी 2027 के सूर्योदय पर कन्या में, जिसके बाद यही अवधि सिंह की हो जाती है। राशि-परिवर्तन का क्षण इन दो सूर्योदय के बीच कहीं है; मिनट बता देना उस परिशुद्धता का दावा करना होता जो इस आँकड़े में नहीं है।

तारा बल

तारा बल

मुहूर्त में चन्द्र बल अकेला नहीं देखा जाता; उसके साथ तारा बल देखा जाता है, और दोनों अलग-अलग चीज़ गिनते हैं। चन्द्र बल जन्म-चन्द्र की राशि से राशियाँ गिनता है, तारा बल जन्म-नक्षत्र से नक्षत्र — और इस दिन गिनती पूर्व फाल्गुनी पर आकर रुकती है। नौ तारा हैं और नक्षत्र 27, इसलिए चक्र तीन बार दुहराता है: हर तारा ठीक तीन जन्म-नक्षत्रों के पास होता है। नीचे दाहिने स्तम्भ में अपना जन्म-नक्षत्र खोजिए।

इस दिन त्याज्य माने गए तीनों तारा — विपत्, प्रत्यरि और वध — उन जातकों पर पड़ते हैं जिनका जन्म-नक्षत्र आश्लेषा, रेवती, ज्येष्ठा, पुनर्वसु, पूर्व भाद्रपद, विशाखा, मृगशिरा, धनिष्ठा और चित्रा है। यह सूची कल दूसरी होगी, क्योंकि नक्षत्र बदलते ही पूरा चक्र एक पायदान आगे खिसक जाता है।

22 फ़रवरी 2027 के नौ तारा और वे जन्म-नक्षत्र जिनसे प्रत्येक तक गिनती पहुँचती है
ताराक्या दर्शाता हैयदि आपका जन्म-नक्षत्र है
1. जन्ममिश्रजन्म-नक्षत्र — सहायक नहीं, तीव्र करने वालापूर्व फाल्गुनी, भरणी और पूर्वाषाढ़ा
2. सम्पत्शुभसम्पत्ति; लाभ के लिए किए गए कार्य में सबसे बलवानमघा, अश्विनी और मूल
3. विपत्त्याज्यसंकट और हानि; आरम्भ या यात्रा के लिए नहीं चुना जाताआश्लेषा, रेवती और ज्येष्ठा
4. क्षेमशुभकुशल-क्षेम; जो टिकना चाहिए उसके लिए, जीतना है उसके लिए नहींपुष्य, उत्तर भाद्रपद और अनुराधा
5. प्रत्यरित्याज्यबाधा; जहाँ दूसरे पक्ष की सहमति चाहिए वहाँ त्याज्यपुनर्वसु, पूर्व भाद्रपद और विशाखा
6. साधकशुभसिद्धि; आरम्भ के लिए नहीं, पूर्ण करने के लिएआर्द्रा, शतभिषा और स्वाती
7. वधत्याज्यहानि; तीनों में सबसे भारी, पूर्णतः वर्जितमृगशिरा, धनिष्ठा और चित्रा
8. मित्रशुभमित्रता; वस्तुओं के बजाय व्यक्तियों से व्यवहार के लिएरोहिणी, श्रवण और हस्त
9. अति-मित्रशुभघनिष्ठ मित्रता, परम मित्र भी; नौ में सबसे कोमलकृत्तिका, उत्तराषाढ़ा और उत्तर फाल्गुनी

पूर्व फाल्गुनी सूर्योदय का नक्षत्र फिर 21 मार्च 2027, 18 अप्रैल 2027 और 15 मई 2027 को बनता है। अन्तराल ठीक बराबर नहीं मिलेंगे, क्योंकि तालिका में जो नक्षत्र लिखा है वह सूर्योदय के क्षण का है और चन्द्र की गति एक जैसी नहीं रहती। मुफ़्त कुंडली जन्म-नक्षत्र पद के साथ बता देती है।

प्रश्न

22 फ़रवरी 2027 के पंचांग पर सामान्य प्रश्न

22 फ़रवरी 2027 को तिथि क्या है?+

नई दिल्ली में सूर्योदय (06:53) के समय कृष्ण द्वितीया है, और वह कृष्ण पक्ष में पड़ती है। पिछले सूर्योदय पर कृष्ण प्रतिपदा थी। अगले सूर्योदय तक यह कृष्ण तृतीया हो जाती है। जिस घड़ी यह बदलती है वह यहाँ नहीं दी गई, क्योंकि गणना दिन में एक बार, सूर्योदय पर देखती है।

22 फ़रवरी 2027 को नई दिल्ली में राहु काल कब है?+

08:18-09:44 — अर्थात् 1 घण्टा 26 मिनट, जो इस 11 घण्टे 23 मिनट के दिन का आठवाँ भाग है। सूर्योदय (06:53) से सूर्यास्त (18:16) तक के उन आठ भागों में यह दूसरा है, क्योंकि सोमवार को यही भाग राहु के हिस्से आता है। उसी बनावट से यमघण्ट काल 11:09-12:34 और गुलिक काल 14:00-15:25 निकलते हैं।

22 फ़रवरी 2027 का दिन कितना लम्बा है, और उसका एक भाग कितना?+

नई दिल्ली में सूर्योदय से सूर्यास्त तक 11 घण्टे 23 मिनट, अर्थात् 683 मिनट, इसलिए आठों में से प्रत्येक भाग 85.4 मिनट का। यह इस दो-वर्षीय तालिका के सबसे छोटे दिन (10 घण्टे 19 मिनट, 17 दिसम्बर 2026) से 1 घण्टा 04 मिनट अधिक, और सबसे लम्बे दिन (13 घण्टे 58 मिनट, 14 जून 2026) से 2 घण्टे 35 मिनट कम है, और इतना अन्तर ही वह कारण है जिससे एक दिन का राहु काल याद रख लेना काम नहीं देता।

22 फ़रवरी 2027 को चन्द्र किस नक्षत्र में है?+

पूर्व फाल्गुनी, सूर्योदय के समय, और चन्द्र सिंह के 23.7° पर। इसी गणना में यह नक्षत्र सूर्योदय पर फिर 21 मार्च 2027, 18 अप्रैल 2027 और 15 मई 2027 को आता है। अंश इसलिए दिया गया है कि नक्षत्र अकेला राशि तय नहीं करता: 27 में से नौ नक्षत्र 30° की सीमा पर दो राशियों में बँटे हैं।

22 फ़रवरी 2027 को किस राशि का चन्द्राष्टम है?+

मकर का। चन्द्र सिंह में है, और सिंह मकर से आठवीं राशि पड़ती है। 22 फ़रवरी 2027 के सूर्योदय पर चन्द्र सिंह में ही मिलता है और 23 फ़रवरी 2027 के सूर्योदय पर कन्या में, जिसके बाद यह अवधि सिंह की हो जाती है।

22 फ़रवरी 2027 के बाद मेरा अगला चन्द्राष्टम कब है?+

इस दिन से आगे गिनने पर — मेष 27 फ़रवरी 2027; वृषभ 2 मार्च 2027; मिथुन 4 मार्च 2027; कर्क 7 मार्च 2027; सिंह 9 मार्च 2027; कन्या 12 मार्च 2027; तुला 14 मार्च 2027; वृश्चिक 16 मार्च 2027; धनु 18 मार्च 2027; मकर 22 फ़रवरी 2027; कुम्भ 23 फ़रवरी 2027; मीन 25 फ़रवरी 2027। हर राशि को चन्द्र मास में एक बार यह अवधि मिलती है, दो या तीन सूर्योदय तक। ये सूर्योदय हैं, राशि-परिवर्तन के क्षण नहीं।

क्या 22 फ़रवरी 2027 शुभ दिन है?+

किसी एक तारीख का पृष्ठ यह प्रश्न हल नहीं कर सकता, और यह पृष्ठ प्रयास भी नहीं करता। बारह भावों में छह शुभ माने जाते हैं, इसलिए इस दिन बारह राशियों में 6 शुभ स्थिति में हैं — और उसके बाद तारा बल, तिथि, करण, योग और आपकी अपनी कुंडली सब लागू होते हैं। दोनों शास्त्रीय छाननी पार करने वाले दिन किसी एक व्यक्ति के लिए लगभग एक-तिहाई निकलते हैं, इसलिए छाननी असली है और फिर भी भविष्यवाणी नहीं।

यह पंचांग किस स्थान का है और कैसे निकाला गया है?+

नई दिल्ली (28.6139° उत्तर, 77.209° पूर्व) का, JPL DE421 इफ़ेमेरिस और लाहिड़ी अयनांश से, 1 जनवरी 2026 से 31 दिसम्बर 2027 तक की गणना में से। किसी दूसरे शहर के लिए घड़ी के समय बदल जाएँगे; तिथि, नक्षत्र, योग और करण नहीं बदलेंगे, क्योंकि वे सूर्य और चन्द्र के अन्तर से बनते हैं, स्थान से नहीं।